Tuesday, February 16, 2010

शायरी 10

थक सा गया है अब मेरी "चाहतों" का वजूद

अब तो "कोई" अच्छा भी लगे तो हम "इज़हार" नहीं करते

2 comments:

  1. वाह! क्या बात है!

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  2. बहुत खूब..!!
    http://kavyamanjusha.blogspot.com/

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